कॉग्रेस की दिग्गज नेता शीला दीक्षित अब दुनिया में नहीं रही |

कॉग्रेस की दिग्गज नेता शीला दीक्षित अब दुनिया में नहीं रही |

 कॉग्रेस की दिग्गज नेता शीला दीक्षित अब दुनिया में नहीं रही |  
शीला दीक्षित कांग्रेस के सबसे भरोसेमंद नेताओं में से एक थी। उनके ससुर उमा शंकर दीक्षित इंदिरा सरकार में देश के गृह मंत्री रहे थे। शीला ने अपने ससुर की राजनैतिक विरासत को आगे बढ़ाया। वे राजीव गाँधी सरकार में मंत्री रही और तीन बार दिल्ली की सीएम बनी। उनका निधन कांग्रेस के लिए एक बड़ी क्षति हैं। आईये जानते हैं शीला दीक्षित के  बारे में :-

    शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ।
    शीला दीक्षित की शादी स्वतंत्रता सेनानी और देश के पूर्व गृह मंत्री उमा शंकर दीक्षित के बेटे से हुई थी।
    शीला दीक्षित ने राजनिति के गुर अपने ससुर उमाशंकर दीक्षित से ही सीखे थे।
    शीला के पति विनोद दीक्षित IAS थे।
    उनकी और विनोद की मुलाकात उस वक्त हुई थी जब वह दिल्ली यूनिवर्सिटी से प्राचीन इतिहास की पढ़ाई कर रही थी।  उनके 1 बेटा और बेटी हैं, बेटे संदीप दीक्षित सांसद रह चुके हैं।
    शीला दीक्षित ने अपना पहला चुनाव 1984 में लड़ा था। तब वे कन्नौज सीट से जीतकर संसद पहुंची थी।
     राजीव गांधी की कैबिनेट में उन्हें संसदीय कार्य मंत्री के रूप में जगह मिली। वे प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री भी बनीं। 1998 में उन्हें दिल्ली प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था।
    वे लगातर तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रही।  वह  3 दिसंबर, 1998 से 4 दिसंबर, 2013 की मुख्यमंत्री बनी रहीं, जो एक रिकॉर्ड है।
    उनके समय किए गए दिल्ली के विकास के कामों को आज भी लोग याद करते हैं। दिल्ली में कई सारे काम उनके समय ही शुरू किए गए थे जो अब पूरे हो रहे हैं।
    2019  लोकसभा चुनाव में शीला कांग्रेस के टिकट पर पूर्वी दिल्ली से चुनाव मैदान में उतरीं, पर चुनाव हार गईं।